एक बड़ा सा पेड़

एक बड़ा सा पेड़ है बाहर मेरे घर के, देखता हूं उसको हर रोज सुबह उठके। अलग अलग मौसम में उसके अलग अलग हैं रूप, कभी देता छाँव हमको कभी देता है धूप। सुंदर सुंदर फूल हैं उसके रंग उनके हैं मुझको भाते, प्यारी प्यारी चिड़ियाँ आती सबका मन वह बहलाती। जब आती है तेज … More एक बड़ा सा पेड़